फिल्लौर (मोनू सरवटे)
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मामला है पंजाब के फिल्लौर के पास पढ़ते गांव शिशोवाल का जहा से तीन लड़कों जिस में पुलिस द्वारा बताएं गए एक बालिग और दो नाबालिक लडको ने एक फिल्लौर के पास पढ़ते गाओ शिशोवाल की ही रहने वाली हर्षिता उर्फ आशु जिस की उम्र मात्र 17 साल करीब को बेहला फुस्ला कर 6 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे मेन हाईवे फिल्लौर जी टी रोड स्थित एक नाजायज तौर पर चल रहा हेवेन हट रेस्टोरेंट में एक कमरा किराए पर लेकर लड़की को छोड़ कर चले गए थे । जिस में रेस्टोरेंट के मालिक द्वारा बिना किसी आई डी प्रूफ लिए मात्र चंद रुपए कमाने की खातिर अपना जमीर मार लालच देखते हुए आशु व साथियों को रेंट पर कमरा दिया गया ।
जिस उपरांत पुलिस द्वारा दोषी बताए गए नाम जस्सा व उसका साथी पवनदीप अपनी मोटसाइकिल पर अंधेरी रात समय करीब साढ़े दस बजे मैन फिल्लौर जी टी रोड हेवेन हट रेस्टोरेंट पहुंचे ।
जहां से उन्होंने हर्षिता उर्फ आशु को पूरे 16 घंटे के ठहराओ के बाद अपने साथ लेकर गांव ओड की तरफ रवाना हुए। जहां पहले ही इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए तीसरा दोषी मनी पहले ही गांव ओड के बाहर गन्ने के खेतों में मजुद था ।
कुछ समय बाद चारो का आपस में किसी बात को लेकर बेहस ज्यादा बड़ गई जिस से जस्सा के दिमाग पर खून सवार हो गया तभी उसने पहले से ही रचे इस खूनी प्लान को अंजाम देने के लिए अपने साथ लेकर गए तेजदार हथियार तलवार से हर्षिता उर्फ आशु के पेट में लगातार वार किए
जिस से लड़की आशु की चीख पुखार निकलते देख मनोज उर्फ मनी ने आशु का मुंह दबा कर आशु के बदन पर पेट्रोल डाल दिया ।
जब उस मासूम आशु की सांसे बंद हुए देख आशु की बॉडी को आग के हवाले कर दिया गया।
जिस पर आधी रात को खेतों में आग की लपटें देख कुछ गांव वासियों की तरफ से हल्ला मचते देख उक्त तीनो दोषी वहा से फरार हो गए।
जिस उपरांत इस निर्मम हत्या की जानकारी एस एच ओ फिल्लौर सूखा सिंह को मिली तो उन्होंने अपनी स्पेशल पुलिस टीम तैयार कर अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाते हुए इस भयानक खून को अंजाम देने वाले तीनो दोषियों को मात्र आठ घंटे में पकड़ कर ओड पुलिस के हवाले किया जिस में एक दोषी अभी फरार बताया जा रहा है ।
उक्त दोषियों पर अलग अलग कानून के तहत मामला दर्ज कर अगली करवाई शुरू कर दी गई है।