– तीन साल से मोदी सरकार ने स्कालरशिप ग्रांट का एक पैसा नही दिया,भाजपा दलितो की हितैषी तो सीएम की बजाए पीएम मोदी कर करे घेराव
फगवाड़ा (डॉ रमन ) फगवाड़ा के विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल (रिटायर्ड आईएएस। ने कहा कि स्कालरशिप की आड़ में असल में भाजपा दलित हितैषी होने का दम भरते हुए सियासी ड्रामा कर रही हैै। असल में भाजपा इस ड्रामे की आड़ में खुस रही सियासी जमीन को बहाल करने की कोशिश में है। धालीवाल ने कहा असलीयत यह है कि किसानी बिलो के बाद भाजपा को कोई मुंह नही लगा रहा तथा किसानों ने खेती संबंधी बिलो के विरोध में उनका पंजाब में घूमना फिरना भी मुश्किल कर दिया है। इसलिए भाजपा ने दलित इंसाफ यात्रा निकालने का ड्रामा किया था तांकि पंजाब का माहौल खराब हो सके,जो फलाप हो गया। धालीवाल ने कहा भाजपाई पहले असलीयत से बावस्ता हो। उन्हें ज्ञात हो कि केंद्र की मोदी सरकार ने तीन साल से स्कालरशिप के खाते में एक पैसा भी नही भेजा। जिसके चलते ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने अपने स्तर पर प्रदेश में एस सी स्कालरशिप योजना शुरु करने की कवायद शुरु कर दी है जिसमें आय का दायरा बढ़ा कर 2 लाख रुपए से 4 लाख रुपए किया जा रहा है। धालीवाल ने कहा कि यदि भाजपा को स्कालरशिप की इतनी चिंता है तो पंजाब के मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करने की बजाए दिल्ली जाकर पीएस मोदी की कोठी का घेराव कर पूछे कि तीन साल में स्कालरशिप का पैसा क्यों नही जारी किया गया? धालीवाल ने कहा कि किसानो संबंधी बिलों को किसानो के फायदे में बता कर अपनी चमड़ी बचाने में लगे है,पर किसान जत्थेबंदिया पूछ रही है कि हमें जबरदस्ती घी क्यों खिलाया जा रहा है,जबकि हम चाहते ही नही। पंजाब विधान सभा में अगर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह ने किसानो के हित्तों में बिल लाए हैे तो भाजपा सदन मे हाजिर ही नही हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता हरजीत सिंह गरेवाल की धमकी भी अतयंत निंदनीय है कि हम किसान अंदोलनो की परवाह नही करते,हमारे बिल ठीक है। धालीवाल ने कहा कि अगर भाजपा के लगता है उनके बिल ठीक है तो क्योंकि नही किसानो के धरने में शामिल होने की कोशिश करते। उनको पता चल जाएगा कि किसान चाहते है।