-कहा राष्ट्रीय एकता व अखंडता के लिए दिए बलिदान को हमेशा देश याद रखेगा-गुरदीप सैनी,दिनेश बांसल
-चीन सीमा पर शहीद हुए सैनिकों को किया याद,आत्मिक शांति के रखा दो मिंट का मौन
फगवाड़ा (डॉ रमन ) शिव सेना (बाल ठाकरे) ने आज फगवाड़ा में आतंकवाद के काले दौर में आतंकवादीयों की गोली से शहीद राष्ट्रीय एकता के प्रहरी शिव सेना के संस्थापक अमर शहीद शेरे पंजाब प्रो रमाकांत जलोटा व वीर विनोद गुप्ता को उनके बलिदान दिवस पर श्रदासुमन भेंट कर नमन किया। सेना ने देश की एकता अखंडता के लिए दिए गए लासानी बलिदान की याद के निमित प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत करवल के दिशा निर्देशों पर फगवाड़ा अध्यक्ष दिनेश बांसल,सुनील जलोटा,विनोद गुप्ता,शहरी अध्यक्ष रमन शर्मा की अगुवाई में पावन श्री हनुमान गढ़ी मंदिर में पहले हवन यज्ञ कर शहीदों की आत्मिक शांति के लिए आहुतिया दी गई। फिर उनके चित्रो पर पुष्प भेंट कर भावभीनी श्रदांजलि दी गई। इस मौके पर चीन सीमा पर झड़प में शहीद हुए 20 सैनिकों की शहादत को नमन करते हुए उनको भी श्रदांजलि दी गई तथा उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिंट का मौन रखा गया। इस मौके विशेष रुप में श्रदांजलि समागम में प्रदेश सचिव गुरदीप सैनी,कुलदीप दानी,शहरी प्रभारी अवतार पम्मा,नरिंदर निंदी,चरणजीत चन्नी पहलवान,राजेश शर्मा,बलदीप भुल्लाराई,शमशेर भारती,दीन बंधु पांडे,वलायती राम,कमल सरोच,अतुल शर्मा,अमन काला,बब्बी गोस्वामी,लक्ष्मण सुमन सैनी,नरिंदर निंदी,अवतार पम्मा विशेष रुप में उपस्थित हुए।
श्रदांजलि समारोह में स्व: प्रो जलोटा व वीर विनोद गुप्ता समेत आंतकवाद के खिलाफ लडऩे वाले अन्य शहीदो की भी याद किया गया। सेना नेता गुरदीप सैनी,फगवाड़ा अध्यक्ष दिनेश बांसल ने कहा कि आतंकवाद के काले दिनों में जब हिंदू समाज को प्रताडि़त करते हुए गोलियों का निशाना बनाया जा रहा था तथा कोई भी आतंकवाद से प्रताडि़त हिंदू समाज व राष्ट्रवादी ताकतों की मदद के लिए आगे खड़ा होने का साहस भी नही करता था तो स्थानीय एक कालेज में प्रोफेसर पद का त्याग कर कर श्री जलोटा आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त आवाज बन कर समाज व धर्म रक्षा के लिए आगे आए। श्री जलोटा व वीर विनोद गुप्ता ने देश,धर्म व समाज के हित को सर्वोपरि माना तथा मां भारती के चरणों में अपना आप आप न्यौछाबर कर दिया,पर आतंकवाद के आगे न झुके न रुके। प्रो रमाकांत ने आतंकवाद को टक्कर देने के लिए पंजाब में हिदुत्व का झंडा बुलंद किया तथा कुबार्नी देकर राष्ट्रवादी ताकतों को एकजुट होने की प्रेरणा दे गए जिसका शिव सेना (बाल ठाकरे) सदैव अनुकरण करती रहेगी। इस मौके लंगर भी लगाया गया।