फगवाड़ा 23 मई ( अजय कोछड़ ) कोविड-19 आपदा में दो महीने से बंद चल रहे प्राईवेट स्कूल प्रबंधकों द्वारा छात्रों को वाट्सएप से होमवर्क भेजने अथवा आनलाईन क्लासिस का सिलसिला शुरु करने के बाद अब फीस जमा करवाने के लिये कहा जा रहा है जिसे लेकर बच्चों के अभिभावक परेशान हैं। क्योंकि लॉकडाऊन में कारोबार बंद होने के चलते हो रहे आर्थिक नुक्सान के बीच भारी भरकम फीस देना उन्हें मुश्किल लग रहा है। अभिभावकों का मत है कि जब स्कूल खुले ही नहीं तो फीस और ट्रांसपोर्ट का खर्च मांंगना बेमानी है। दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि उनपर स्कूल के खर्च और अध्यापकों व स्टाफ को वेतन आदि का भुगतान करने का दबाव है। जिसकी अदायगी के लिये फीस वसूलना उनकी भी विवशता है। इसी बात को लेकर कई दिनों से स्कूल प्रबंधकों तथा अभिभावकों में चली आ रही खींचतान का संज्ञान लेते हुए हलका विधायक बलविन्द्र सिंह धालीवाल की पहल पर एस.डी.एम. फगवाड़ा गुरविन्द्र सिंह जौहल ने शहर के प्रमुख निजी स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी स्कूलों को सख्त हिदायत करते हुुए कहा कि पंजाब सरकार की ओर से प्राईवेट स्कूलों के लिये कोरोना आपदा में जो नियमावली जारी की गई है उसी का पालन हो। किसी भी अभिभावक से ट्यूशन फीस के अलावा री-एडमिशन फीस, ट्रांसपोर्ट अथवा किसी अन्य प्रकार का खर्च न मांगा जाए। यदि किसी स्कूल ने अभिभावकों पर फीस वसूली के लिये जबरन दबाव बनाया तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विधायक बलविन्द्र सिंह धालीवाल ने भी प्राईवेट स्कूल प्रबंधकों से अपील कर कहा कि यह समय एक दूसरे सहयोग करने का है। इसलिए उन्हें लोगों की विवशता समझनी चाहिए और नैतिक तथा समाजिक कत्र्वय निभाते हुए फीसों में राहत देनी चाहिए। बैठक के पश्चात वार्तालाप में विधायक धालीवाल ने कहा कि स्कूल प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश एस.डी.एम. जौहल की ओर से दे दिये गए हैं। कोई भी स्कूल मनमानी नहीं करेगा। उन्होंने फगवाड़ा वासियों को आश्वस्त किया कि उन्हें अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जनता से जुड़े हितों की रक्षा के लिये वे वचनबद्ध हैं। इस अवसर पर नरेश् भारद्वाज चेयरमैन मारकीट कमेटी फगवाडा, विनोदा वरमानी, ब्लाक कांग्रेस फगवाड़ा शहरी के पूर्व प्रधान गुरजीत पाल वालिया भी उपस्थित थे।