प्रिय साथियो , गुरुओं भूषियों पीर – पैगम्बंश और देवी – देवताओं की कर्मभूमि में , करोना वायरस कीआपदा के कारण आप , अपने परिवार के साथ जिन्दगी के अहम् पल गुजार रहे हो । बजुर्ग मां – बाप के साथ बच्चों के साथ उठना बैठना , लड़ना – झगड़ना रखशी और गमी कीखट्टी – मीठी बातें भी इतिहास का हिस्सा बन जाएगा । भारत कातथा आप के परिवारका भविष्य आप की सोच , विवेक और मर्यादा से जुड़ा है । आओ , हम सब मिल कर , बिना अस्त्रास्त्र के करोनाजैसे व्रान्नु का मुकाबला करें । करोना से डरनानहीं बल्कि उसे डरा कर भगाना है । हम सबको अनुशासन में रहते हुए घर की चार दिवारी के अन्दरही रहना है , यही औषधिराज से मुकाबला कसे मेरापबाण साबित होगी । साथिया , निस्वार्थ भावना से सेवा करने वालों के स्वस्य की कामना करना तया जो दिवंगत आत्माएँ स्वर्ग सिधार गराउन की आत्मा कीशान्ति के लिए प्रार्थना करना भी , हमारा कर्तव्य है । आप सबकेशुभ – स्वस्यकी कामना करती हूँ