-किसान व किसानी के बिना इंसानी होंद का कल्पना भी नही की जा सकती-गुरदीप सैनी,रुपेश धीर
फगवाड़ा ( डॉ रमन ) किसान आर्डीनैंसों को लेकर महांमारी के दौरान भीष्ण गर्मी के बीच किसानों के सडक़ो पर उतरने पर मजबूर होने पर शिव सेना (बाल ठाकरे) ने गहरा अफसोस प्रकट करते कहा कि धरती पुत्र व देश के अन्न दाता का इस प्रकार सडक़ो पर रुलना शर्मनाक है। शिव सेना किसान संर्घष की पूरी तरह से हिमायत करती है तथा केंद्र सरकार से मांग की किसानों को परेशान करने की कार्यवाही पर तुरंत रोक लगाए अन्यथा इसके गंभीर परिणाम निकलेंगे।
शिव सेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश महासचिव गुरदीप सैनी व जिला यूथ अध्यक्ष रुपेश धीर ने कहा कि केंद्र सरकार को समझना चाहिए कि किसान व किसानी के बिना इंसानी होंद की कल्पना भी नही की जा सकती है। सरकारों को तो चाहिए कि ऐसा माहौल तैयार करने कि किसानों को वीआईपी के तुल्य माना जाए तथा उनको किसी भी कीमत पर सडक़ो पर तो क्या वैसे भी परेशान होने न दिया जाए। शिव सेना नेताओं ने कहा कि किसान पहले फसलों के लिए खेतों में,फिर उसको बेचने के लिए मंडीयों में तथा बाद में भुगतान के लिए फिर सडक़ो पर परेशान होने के लिए मजबूर है। सरकार क्यों नही खेतीबाड़ी को लेकर ऐसी नीति तैयार करती जिससे किसानों को परेशान होना न पड़े। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि कोई आर्डीनैंस लाना चाहती है सबसे पहले धरना दे रहे किसानों की युनियनों के साथ इस पर विचार करे। सहमति बनने पर ही इसको लागू किया जाए। यदि किसी बात को लेकर किसानों को गल्त लगता है तो उसमें सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि शिव सेना किसान भाईचारे के साथ है तथा हर संर्घष में उनका साथ देगी।