* साधू सिंह धर्मसोत को क्लीन चिट से नंगा हुआ दलित विरोधी चेहरा
* विधानसभा में पारित कृषि बिलों को बताया राजनीतिक स्टंट
फगवाड़ा (डॉ रमन ) वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता लक्की सरवटा ने जलालाबाद में दलित के साथ मारपीट व अमानवीय उत्पीडऩ करते हुए मानव मूत्र पिलाने की घटना को कैप्टन अमरेन्द्र सिंह सरकार के माथे का न मिटने वाला कलंक बताया है। उन्होंने कहा कि उक्त घटना के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन न लेकर बता दिया कि सत्ता पक्ष का मामले को दबाने का दबाव है क्योंकि आरोपी कांग्रेस पार्टी का चहेता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दलितों को इस्तेमाल केवल वोट के लिये ही करती है जबकि उनके अधिकार तथा सुरक्षा के लिये कभी कुछ नहीं किया गया। बहुचर्चित पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम घोटाले में भी दलित छात्रों का वजीफा हड़पने वाले मंत्री को क्लीन चिट दे दी गई जिससे कांग्रेस का दलित विरोधी चेहरा नंगा हो गया है। उन्होंने कैप्टन सरकार को चेतावनी दी कि यदि दलित समाज के साथ प्रदेश में होने वाले अन्याय को हवा देना बंद न किया तो गंभीर नतीजे होंगे। वहीं उन्होंने पंजाब विधानसभा में कैप्टन सरकार द्वारा पास किये कृषि बिलों को वोट बैंक की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि कैप्टन को भी पता है कि उनके बिल केन्द्र की स्वीकृति के बिना कानून नहीं बन सकते। जबकि मोदी सरकार पहले ही किसानों के हित की रक्षा की वचनबद्धता दर्शा चुकी है। मोदी सरकार के बिल किसानों की आय दोगुनी करने की तरफ महत्वपूर्ण कदम है। पंजाब के मुख्यमंत्री को पता है कि वे ज्यादा देर तक किसानों को प्रलोभन में नहीं रख सकते इसलिए चाहते हैं कि उनकी सरकार को किसी तरह बर्खास्त कर दिया जाए ताकि वे झूठ से किसानों की सहानुभूति के रथ पर सवार होकर दोबारा सत्ता में लौट सकें लेकिन उनकी यह मंशा पूरी नहीं होगी।