फगवाड़ा (डॉ रमन ) सरकार की राजस्व व्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर पंजाब सरकार द्वारा शराब की होम डिलीवरी के लिए तरलोमच्छी होने के चलते शिव सेना (बाल ठाकरे) के निशाने पर है। शिव सेना (बाल ठाकरे) ने आज कहा कि पंजाब सरकार घर घर शराब पहुंचाने को तो उतावली है पर क्या वो बता सकती है कि धार्मिक स्थलों पर लगाई रोक आखिर कब हटेंगी तथा कब धार्मिक स्थान आम जनता के लिए खुलेगे।
शिव सेना के प्रदेश सचिव गुरदीप सैनी व जिला यूथ अध्यक्ष रुपेश धीर ने आज कहा कि चुनावों पूर्व कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने हाथ में पवित्र श्री गुटका साहिब हाथ में पकड़ कर पंजाब में नशा खत्म करने की सौगंध खाई थी, जो लगता है वो भूल गए। जो अब घर घर में शराब पहुंचाने के लिए रोज मीटिंगे कर रहे है। उन्होंने कहा कि आम कारोबार पर लाखो पाबंदियों जो लोगो की भलाई के लिए है,लगाई गई है तो क्या करोना से समझौता है कि वो शराब के ठेके पर जाने वालो को कुछ नही कहेगा। शिव सेना नेताओं ने कहा कि शराब की घर घर सप्लाई से घरेलु हिंसा के मामलों में बढ़ौतरी होगी। जिसके चलते सरकार को इस पर पुन: विचार किया जाना चाहिए। सेना नेताओं ने कहा कि सरकार शीघ्र अति शीघ्र धार्मिक स्थलों पर लगाई गई पाबंदी हटाने के लिए कोई क्रमबद्द योजना तैयार करे तांकि लाखों अनुयायी अपने अराध्यों के दर्शन कर सके। साथ ही शिव सेना ने कहा कि कोरोना में लाकडाउन के चलते सबसे अधिक प्रभावित तथा प्रताडि़त मध्यमवर्गीय परिवार हुआ है। जिसको सरकार यां समाजी तौर पर सहायता कोई मिल नही रही तथा न ही वो मांगने के लिए हाथ फैला सकता है। पर किसी सरकार ने उनके बारे में कुछ नही सोचा। यदि यहीं हालात रहे तो भविष्य संबंधी अनिश्चितता को लेकर मध्यमवर्गी परिवारों में अफरातफरी फैल सकती है जिसके परिणाम घातक हो सकते है। केंद्र सरकार तथा पंजाब सरकार को इस वर्ग के विशेष आर्थिक पैकेज देना चाहिए