पंजाब में शिक्षा का स्तर जहाँ दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है,वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी जैसी यूनिवर्सिटी जो अनेकों गरीबों को शिक्षा प्रदान में सहायक है उसपर भी आज वित्तीय संकट मंडरा रहा है। कैप्टन सरकार बिल्कुल निकम्मी सरकार साबित हो रही है जो यूनिवर्सिटी का फण्ड घटाने की धमकी दे रही है,पिछले दिनी है पंजाब सरकार यानी कैप्टन सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ अन्य यूनिवर्सिटियों को नोटिस भेजा है कि जल्द ही सेक्रेटेरियल पे खत्म किये जायें और उसका भुगतान शुरू किया जाए अन्यथा वो पैसा हम फंड घटाकर लेंगे,वैसे ही पंजाब सरकार फंड के नाम चन्दा देती है पिछली बार केवल 28 करोड़ के करीब पैसे पंजाब सरकार की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी को दिए गए थे,जो कि यूनिवर्सिटी के साथ मजाक के अलावा कुछ और नहीं है,ये बातें आप स्टूडेंट विंग सीवाईएसएस के कोर कमेटी मेंबर हर्ष ने कही।
हर्ष सिंह कहते हैं कि कैप्टन सरकार पंजाब को लूटने के अलावा और कुछ नहीं कर रही है,2017 में जो जो वायदे किये उनमे से एक भी वादे पर कैप्टन सरकार खड़ी नही उतरी है,यही हाल रहा तो कैप्टन सरकार की वजह से जल्द ही यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में ताले लगाने पड़ेंगे और गरीब वर्ग के विद्यार्थी महंगी फीस न देने के कारण शिक्षा से वंचित रह जाएंगे,ये सरकार शिक्षा विरोधी है जो शिक्षा पर कोई काम नही कर रही है,कैप्टन सरकार ने दिल्ली चुनाव में 5500 स्मार्ट स्कूल का बयान देना चुटकुले के अलावा कुछ नहीं है वो रैली में स्टैंडअप कॉमेडी करके आये हैं,क्योंकि ज़मीनी हकीकत तो कुछ और ही दर्शाती है।
कैप्टन को जल्द ही अपने पद से इस्तिफा देना चाहिए और चुपचाप आराम करना चाहिए क्योंकि वो अब काम नहीं कर रहे हैं। अगर पंजाब यूनिवर्सिटी और अन्य यूनिवर्सिटियों के फंड न बढ़ाये गए तो “आप” प्रदर्शन करेगी और कैप्टन सरकार की नाकामियों का पर्दाफाश करेगी।
झूठे वादों के अलावा और कुछ भी नहीं कर रही कैप्टन सरकार पंजाब का युवा इस नाकामी की वजह से बाहर की तरफ रुख कर रहा है अगर जल्द ही इसे न रोका गया तो पंजाब में ताले लगे घर मिलेंगे। कैप्टन सरकार मोदी सरकार की तरफ ही है,जैसे कि मोदी सरकार जेएनयू जैसे कॉलेजों को बंद करवाने का षडयंत्र रच रही है वैसा ही काम कैप्टन सरकार कर रही है ताकि कल को कोई युवा उठकर इनसे सवाल न पूछे।