यह वाकया पिशले दिनों का जब एक बचा जो के नाबालिग था और स्कूल की बस को चला रहा था और ड्राइवर साथ वाली सीट पर बारे आराम से बैठा था और एक लड़का बस के दरवाजे से बहार लटक रहा था उनको कोई भी रोकने टोकने वाला नहीं था
जब इस बात की शिकायत हमारे रिपोटर ने स्कूल को फोन करके बतानी चाही तो बस पे लिखे फोन नबरों से एक भी फोन नबर नहीं चल रहा था जब स्कूल में जाकर प्रिन्सियल से मिलना चाहा तो प्रिन्सियल ने मिलने से इंकार कर दिया इससे तो यही याहार होता हे के स्कूल को बचो की कोई भी फ़िक्र नहीं हे उहने सिर्फ फीस से मतलब हे लोगो के बचे जिए जा मरे उनकी कोई जिमेवारी नहीं हे ओर इस मामले को स्कूल दबाने के लिए जोर लगा रहा है और झूठे बयान दे रहा है सकुल की कमेटी को अपने स्कूल की रैपूटेशन की फिकर है ना के बचो की।

के नाइन न्यूज़ से अशोक और अजय कोशर की रिपोर्ट।