करतारपुर (राकेश भारती )
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के डायरेक्टर लीगल सेल पंजाब एडवोकेट विक्रांत राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त में टीके लगवाने की प्रसंशा की और कहा यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर से उबरने की प्रक्रिया में है, लेकिन खतरा टला नहीं है। दूसरी लहर के उतार के बीच जो थोड़ा-बहुत समय हमें मिला है, उसका सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल नहीं किया गया तो फिर से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इसीलिए अगर प्रधानमंत्री ने खुद सामने आकर देश को यह बताया है कि वह सरकार की टीका नीति में महत्वपूर्ण बदलाव कर रहे हैं तो यह निश्चित रूप से एक शुभ संकेत है। काफी समय से यह मांग की जा रही थी कि पल्स पोलियो मुहिम समेत अब तक के तमाम टीकाकरण अभियानों की तरह कोरोना का टीका भी सबको मुफ्त लगाया जाना चाहिए।मुफ़्त टीकाकरण लोगों के जीवन और स्वास्थ्य को सुरक्षित करने का मामला था, जो उनका संवैधानिक अधिकार है।

मीडिया अड्वाइज़र सूरिंदर रणदेव ने कहा की कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधों और रोजगार पर बुरा असर हुआ। ऐसे में इस पहल से देश की 80 करोड़ गरीब और जरूरतमंद आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। यह घोषणा सरकार की नीतियों में ऐसा संशोधन है, जो महामारी के खिलाफ हमारी मोर्चेबंदी को मजबूत करेगा।